Posts

प्रेमचंद जयंती पर स्मरण

कविता -  प्रेमचंद ----------------------- 18 उपन्यास 300 कहानियां - नाटक प्रेमचंद की अनमोल धरोहर है, मुम्बई को आजमाया इलाहाबाद ही भाया लमहीग्राम उनकी जन्मभूमि रही ।। ज्ञान से रहा सदा उनका नाता, लेख...

कविता प्रेम

प्रेम -------- प्रेम --------- प्रेम तो पूजा है मन की कामना है जीवन की साधना है ईश्वर की आराधना है, प्रेम तो मानव धर्म है हर धर्म का मर्म है जीवन का कर्म है, प्रेम तो भाव है                                      संतो का चाव है                                  विचारों का अलाव है                              सत्य की धाव है                                    मुक्ति की नाव है, प्रेम तो प्रवाह है मन से मन तक कण से कण तक चिन्तन से मनन तक हिम् से पवन तक सूक्ष्म से अनंत तक जड़ से चेतन तक, प्रेम तो दिशा है तिमिर से प्रकाश की धरा से आकाश की शून्य से विकास की व्यक्ति से समाज की पराजय से प्रयास की, प्रेम तो आशा है जीवन की मीमांसा है प्र...

कविता- चारण- भक्तिगीत

/ /चारण- भक्तिगीत// राजाओं के राज में रहे राज दरबारी चारण- भाट जिन्होंने झूठी तारीफ में लिखी गाथा जपते रहे माला गाते रहे भक्तिगीत समय की घड़ी चलती रही वर्षों हुए व्यतीत समाज औ...

कविता कंगाल सरकार

कंगाल सरकार ------------------- हम प्रवासी मजदूर लॉक डाउन में पड़े हैं जहाँ-तहाँ मदद की है दरकार खाने रहने का नहीं कोई ठिकाना मालिकों ने बेदर्दी से किया है निकाल बाहर उस पर गरीबों पे पड़ रही ...

कविता- बचा रहे मनुष्य

कोरोना का वायरस नहीं देख रहा जाति-धर्म या देश अमीर-गरीब की रेखा खान-पान, रंग-रूप कद -काठी या भेष, काश संक्रमण में नष्ट हो जाए सब असमानता भेद संघर्ष के अंत में मात्र बचा रहे मनु...

कविता - शायद शत्रु डर जाए

शायद शत्रु डर जाए      (अशोक शिरोडे) ------------------------- हमने नहीं बांधे तोरणद्वार अपने घर के द्वार हमने नहीं बनायी पथ पर कतार हमने नहीं थामे हाथों रंग बिरंगे पुष्प-गुच्छ हार हमने नहीं ग...

दिए के पीछे के प्रश्न और छुपे सच

    प्रकाश के पीछे की मंशा              (अशोक शिरोडे) ------------------------------------------       हमारे प्रधानमंत्री के निर्देश है कि "हमें प्रकाश के तेज को चारों तरफ फैलाना है"।   इसी का पालन करते हुए आज रा...