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प्रेम के राम

प्रेम करने वाले राम के बदले  धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाए राम को  तुम ही लाये हो  कुकृत्यों को तुम्हारे देख जब राम रौद्र हुए तुम बौखलाये हो ।   मर्यादा पुरुषोत्तम राम को विस्थापित कर  युद्ध के लिए आतुर राम को तुमने ही गढ़ा है शोषित पीड़ित जन की व्यथा जान, कुपित राम जन के पथ पर बढ़ा है सड़क से संसद तक  राम का यह रूप देख तुम झल्लाये हो। समय आ गया है जब मदमस्त अभिमानी राजा को सिंहासन से उतारा जाएगा मायावी रूप धर ठगता है जो उसका असली रूप दिखाया जाएगा लंका अब ढहायी जाएगी राम का तिलक किया जाएगा, ज्ञान नहीं है तुमको मगर यह दशा तुम ही लाये हो। प्रेम करने वाले राम के बदले  धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाए राम को  तुम ही लाये हो  ।। (कृपया इसे राजनीति से न जोड़े।) ( R - राहुल   A - अखिलेश   M - महुआ )

जुमले वादे

क्या हुआ तेरा अच्छे दिनों का वादा 15 लाख देने की कसम वो इरादा  भूलेगा ये वोटर जिस दिन तुम्हें वो दिन कुर्सी का आखरी दिन होगा  याद है मुझको तूने कहा था  झोली उठा के चल दूंगा चौकीदार हूं तुम्हारा न खाऊंगा न खाने दूंगा दिल की तरह हाथ मिले हैं कैसे भला छूटेंगे कभी  तेरे जुमलों में बीती हर शाम बेवफा क्या ये भी तुझको याद नहीं,  ओ कहने वाले दूसरों को फरेबी  ये तो बता कौन  है फरेबी  वो जिसने सवाल किया देश के खातिर  ये जिसने देश को बेच दिया  नशा दोस्तों की दौलत का ऐसा भी क्या के तुझे कुछ भी याद नहीं , क्या हुआ तेरा अच्छे दिनों का वादा 15 लाख देने की कसम वो इरादा  भूलेगा ये वोटर जिस दिन तुम्हें वो दिन कुर्सी का आखरी दिन होगा।।

बच्चे और समय

समय और बच्चे --------------------------- अपने प्राणों से ज्यादा  प्रिय होते हैं अपने बच्चे  बच्चों ने जैसा चाहा  वैसा ही मां बाप ने किया कभी हाथी कभी घोड़ा बन पीठ पर उसे घुमाया ना ना स्वांग रचा उनका मन बहलाया हाथों को झूला बना उनका मन भरने तक झूला झुलाया बच्चों के साथ  बड़े भी बच्चे बन जाते है हंसते - खेलते मस्ती करते उम्र को भूल जाते है और खेल खेल में समय गुजरते  देर नहीं लगती  बच्चे  जब बड़े हो जाते हैं रास्ते उनके अलग हो जाते हैं व्यग्रता व आवेश के  वशीभूत हो अपनी सोच समझ को सही मानते है उम्र व अनुभव की आंख उनके नहीं होती न ही दूर तक देखते हैं, माता पिता क्या सोचते हैं  क्या चाहते हैं इससे क्या फर्क पड़ता है  वक्त का रिवाज है  हर मां बाप को  यह समय देखना पड़ता है अपनी उम्मीदों को  दफन करना पड़ता है।।

अल्कलाइन पानी: भौतिक गुण व स्वास्थ्य लाभ

  🔺अल्कलाइन पानी: भौतिक गुण व स्वास्थ्य लाभ🔺               डॉ. अशोक शिरोडे                 9039940034 ---------------------------------- अल्कलाइन वाटर या क्षारीय पानी क्षारीय आयनित पानी (alkaline ionized water) के रूप में भी जाना जाता है। आमतौर पर नेचुरल वाटर का पीएच 6.5 और 8.5 के बीच होता है। अल्कलाइन वाटर कार्बन डाइऑक्साइड-बाइ कार्बोनेट-कार्बोनेट संतुलन प्रणाली द्वारा नियंत्रित किया जाता है। पानी अम्लीय या क्षारीय के गुणवत्ता को ph के रूप परीक्षण किया जाता है। -  1 से 7 ph के बीच का पानी अम्लीय होता है। -   7 ph का पानी न्यूट्रल माना जाता है। -   7 से अधिक ph का पानी क्षारीय (alkaline) होता है। -   Ph मापने के मापदंड 1 से 14 तक होता है। पहाड़ों निकलने वाले तेज गति से बहने वाली नदी व झरनों का पानी अम्लीय होता है। इसका ph लगभग 9 होता है। अल्कलाइन व आयनीकृत पानी मे अंतर होता है। घरेलू स्तर पर बनाये अल्कलाइन पानी मे केवल एक गुण क्षारीयता होता है। जबकि पहाड़ों...

कविता 'राम'

प्रेम करने वाले राम के बदले  धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाए राम को  तुम ही लाये हो  कुकृत्यों को तुम्हारे देख जब राम रौद्र हुए तुम बौखलाये हो   मर्यादा पुरुषोत्तम राम को विस्थापित कर  युद्ध के लिए आतुर राम को तुमने ही गढ़ा है शोषित पीड़ित जन की व्यथा जान, कुपित राम जन के पथ पर बढ़ा है सड़क से संसद तक  राम का यह रूप देख तुम झल्लाये हो। समय आ गया है जब मदमस्त अभिमानी राजा को सिंहासन से उतारा जाएगा मायावी रूप धर ठगता है जो उसका असली रूप दिखाया जाएगा लंका अब ढहायी जाएगी राम का तिलक किया जाएगा, ज्ञान नहीं है तुमको मगर यह दशा तुम ही लाये हो। ( R - राहुल   A - अखिलेश   M - महुआ ) ------------------////-----------------    डॉ. अशोक शिरोडे

चुनाव - आपका एक मत अर्थात आपकी सोच-विचार- अपेक्षा

चुनाव -  आपका एक मत अर्थात  आपकी सोच-विचार- अपेक्षा ------------------------- - चाहे मोदी जी प्रधानमंत्री हो या कोई और, भाजपा कांग्रेस या अन्य दल की सरकार हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।  सवाल है उसकी नीतियों व कार्यक्रम का। सत्ता में जो भी होगा , जिसकी भी सरकार होगी ,  उसकी ही नीति व कार्य  व निर्णयों की समीक्षा की जायेगी। उसके कार्यकाल का आकलन होगा। उसकी नीतियों से आम आदमी के जीवन स्तर में क्या बदलाव हुआ, शिक्षा स्वास्थ्य व रोजगार के अवसर कितने मिले इस पर और अन्य सवाल भी उसी से पूछे जाएंगे।  *लोकतंत्र में संविधान के द्वारा राज्य शासित होता है।सरकार व सत्ता में बैठे लोग  जनता के सेवक होते हैं।व्यक्ति के स्थान पर संविधान महत्वपूर्ण होता है। लोग आएंगे व जाएंगे किंतु देश बना रहेगा। लेकिन यह देश भविष्य में कैसा बना रहेगा, बनेगा, इसका आधार भूत दायित्व वर्तमान पीढ़ी का होता है। यदि वर्तमान पीढ़ी के लोग सरकार के कार्यो व नीतियों की समीक्षा कर सरकार को सही राह दिखाने का काम नहीं करेंगे तो फिर आने वाले समय मे देश की स्थिति विकट हो सकती है। आपको अपने बच्चों को कैसा ...

कविता जन्मदिन की शुभकामनाएं

जन्मदिन की शुभकामनाएं --------------------------------- मेरे प्यारे दोस्त  तुम्हें दे रहा हूं  जन्मदिन की शुभकामनाएं तुम्हें हर कदम पर मिलती रहे  नित नई सफलताएं , जीवन में तुम्हारे  प्यार का न कभी अभाव हो, तुम्हारे अपने हैं सभी सबसे प्रीति बनी रहे अपनत्व रहे - लगाव हो, जीवन यात्रा में  मिले हैं जो साथी वे अब भी तुम्हें हृदय से याद करते हैं, आज तारीख में हर साल तुम्हारा जन्मदिन मनाया करते हैं। तुम सदा खुश रहो यही कामना किया करते हैं।। ----------------------------------------        - अशोक शिरोडे -