अल्कलाइन पानी: भौतिक गुण व स्वास्थ्य लाभ

  🔺अल्कलाइन पानी: भौतिक गुण व स्वास्थ्य लाभ🔺

              डॉ. अशोक शिरोडे
                9039940034
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अल्कलाइन वाटर या क्षारीय पानी क्षारीय आयनित पानी (alkaline ionized water) के रूप में भी जाना जाता है। आमतौर पर नेचुरल वाटर का पीएच 6.5 और 8.5 के बीच होता है। अल्कलाइन वाटर कार्बन डाइऑक्साइड-बाइ कार्बोनेट-कार्बोनेट संतुलन प्रणाली द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
पानी अम्लीय या क्षारीय के गुणवत्ता को ph के रूप परीक्षण किया जाता है।
-  1 से 7 ph के बीच का पानी अम्लीय होता है।
-   7 ph का पानी न्यूट्रल माना जाता है।
-   7 से अधिक ph का पानी क्षारीय (alkaline) होता है।
-   Ph मापने के मापदंड 1 से 14 तक होता है।

पहाड़ों निकलने वाले तेज गति से बहने वाली नदी व झरनों का पानी अम्लीय होता है। इसका ph लगभग 9 होता है।

अल्कलाइन व आयनीकृत पानी मे अंतर होता है।
घरेलू स्तर पर बनाये अल्कलाइन पानी मे केवल एक गुण क्षारीयता होता है।
जबकि पहाड़ों की नदियों व झरनों से प्राप्त पानी में 4 भौतिक गुण होते हैं -
1  - इसमें सक्रिय (active) हाइड्रोजन होता है जो आपके शरीर से अनेक बीमारियों को दूर करने की क्षमता रखता है।
2 -   इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो आपके शरीर से विषैले (फ्री रेडिकल्स) को बाहर निकालता है। यही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है।
3- यह पानी क्षारीय (alkaline)  होता है-
यह पानी प्राकृतिक रूप से अल्कलाइन आयनीकृत (ionised) होता है।
शरीर के अंदर के अंग की प्रकृति क्षारीय (alkakline) होती है। पेन्क्रियास का ph 8.6, रक्त का ph 7.4 होता है।  शरीर में एसिडिटी बढ़ने से यह प्रभावित होता है, जिससे अनेक रोग हो जाते है।

4 -   यह पानी अत्यधिक पतला होता है, जो शरीर के रक्त की ph को सामान्य रखता है व पोषक तत्वों को अंतिम उत्तक(cells) तक सुचारू रूप से पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।

♦️अल्कलाइन वाटर के स्वास्थ्य लाभ (alkaline water health benefits)♦️

पीने का पानी अल्कलाइन नहीं होने पर स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याएं आती है। शरीर विविध प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो जाता है।
पानी मे घुले हुए कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि के कारण पानी का पीएच कम हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप पानी अम्लीय(acidic) हो जाता है। इसके विपरीत कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कम होने से पानी का पीएच बढ़ जाता है और वह क्षारीय
( Alkaline) हो जाता है।

स्थानीय पाइप लाइन से ही पानी हमारे घरों तक पहुंचता है। पानी का पीएच कोरोसिविटी ( corrosivity) का निर्धारण करता है।
यह मूल रूप से यह मापता है कि मेटल पानी पर कितना बुरा प्रभाव डालता है। कोरोसिविटी पानी में मेटल खासकर कॉपर और लेड को घोलने की क्षमता होती है। इसके बाद पीने के पानी में मेटल की सांद्रता (metal concentration) बढ़ जाती है। इससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

♦️अल्कलाइन कैसे तैयार किया जाता है (How to make alkaline water)♦️

7 से कम पीएच वाला अम्लीय पानी क्षारीय पानी की तुलना में अधिक कोरोसिव (Corrosive) होता है। पीएच बढ़ाने के लिए पानी को क्षारीय रसायनों से ट्रीट किया जाता है।
आधुनिक *ENAGIC Water Ionizer*  मशीन  से पानी में बिना कोई रसायन मिलाए वाटर इलेक्ट्रोलिसिस की प्रक्रिया से अल्कलाइन कंगन *(KANGEN)* वाटर बनाया जाता है।

🔻क्षारीय पानी के स्वास्थ्य लाभ (alkaline water health benefits)🔻

मेटाबोलिज्म विकार में सुधार (Alkaline Water for Metabolism Disorder)
यह फ्री रेडिकल्स खत्म कर मेटाबोलिज्म विकार में सुधार लाता है। इससे ब्लड में ग्लूकोज, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में कमी आती है। यह पैंक्रिअटिक बीटा सेल को ऑक्सीडेटिव क्षति से भी बचाता है। बीटा सेल के  सामान्य होने से पेन्क्रियास से सही मात्रा में इंसुलिन हार्मोन का स्राव होता है जिससे डायबिटीज रोग नहीं हो सकता है।
यह कोलेस्ट्रॉल होमियोस्टैसिस को नियंत्रित करके वजन कम करता है।

अल्कलाइनल पानी के अनेक फायदे हैं। इन्हें जानने के बाद इसकी उपयोगिता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
🔸1. डायबिटीज में लाभ-
अल्कालाइन वाटर का उपयोग डायबिटीज की समस्या को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। अल्कालाइन वाटर शरीर में मौजूद मुक्त कणों को कम कर कई शारीरिक - समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। एल्केलाइन वाटर में एंटीडायबिटिक (ब्लड शुगर को कम करने वाला) प्रभाव भी मौजूद रहता है।  अल्कालाइन पानी  बीटा सेल्स के सही मात्रा में उत्पादन में सहायक है। अल्कलाइन पानी से डायबिटीज को नियंत्रित रहता है।     
🔸2. हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे-
अल्कलाइन पानी मे प्राकृतिक रूप से कैल्शियम होता है इसलिए हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी अलकालाइन वाटर लाभदायक साबित हो सकता है। हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के मामले में अल्कालाइन वाटर अहम भूमिका निभा सकता है। यह हड्डियों के क्षरण का कारण बनने वाले तत्वों को कम करने का काम करता है। इस तथ्य को देखते हुए यह माना जा सकता है कि अलकालाइन वाटर का उपयोग कर हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है।
🔸3. हृदय रोग व बीपी में लाभदायक  -
उच्च रक्तचाप(high BP)को नियंत्रित करने के मामले में भी अलकालाइन वाटर सहायक साबित हो सकता है। यह सिस्टोलिक ब्लड विस्कोसिटी (निचले स्तर पर ब्लड का गाढ़ापन) को कम करने में मदद कर सकता है । वहीं हाई ब्लड विस्कोसिटी, हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी है। हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल की समस्या को नियंत्रित करने में, हृदय की धमनियों के ब्लॉकेज को दूर करने में अल्कालाइन वाटर लाभकारी है।

🔸4. वजन कम करने में सहायक 
वजन कम करने के उपाय के तौर पर भी अल्कालाइन वाटर को उपयोग में लाया जा सकता है। इलेक्ट्रोलाइज्ड अल्कालाइन वाटर में एंटीओबेसिटी (मोटापा कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। जिससे शरीर में अतिरिक्त वसा (fat) को कम करने में यह सहायक है।
🔸5. कैंसर के जोखिम को कम करे -
कैंसर के जोखिम को कम करने और कैंसर के इलाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी अलकालाइन वाटर के फायदे लाभकारी हो सकते हैं। एल्केलाइन वाटर शरीर में टेलोमर्स (telomeres) को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। बता दें, टेलोमर्स डीएनए का मुख्य भाग होता है, जो क्रोमोसोम्स को सुरक्षा प्रदान करने का काम करता है।
एक शोध में यह माना गया है कि शरीर में पीएच की कमी के कारण टेलोमर्स की कमी होती है, जो कोशिकाओं के नष्ट होने का कारण बन सकते हैं। टेलोमर्स की अधिकता कैंसर से बचाव में अहम भागीदारी निभा सकती है। इस आधार पर कैंसर या ट्यूमर के विकास को रोकने में अल्कालाइन बहुत सहायक माना जा सकता है।
वैज्ञानिक परीक्षण में यह प्रमाणित हुआ है कि अम्लीय (acidic) वातावरण में ही कैंसर पनपता है। 
🔸6. एसिड रिफ्लक्स में पहुंचाए आराम-
शरीर मे एसिड (acid) की मात्रा बढ़ने पर ही एसिडिटी होती है। एसिड रिफ्लक्स यानी कि एसिडिटी, गैस्ट्रिक की समस्या में अल्कालाइन वाटर लाभदायक हैं। अल्कालाइन वाटर का उपयोग एसिड की उपस्थिति को कम कर एसिड रिफ्लक्स की समस्या से राहत दिलाने का काम कर सकता है। इस तथ्य को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि एसिड रिफ्लक्स की स्थिति में भी अल्कालाइन वाटर सहायक हो सकता है। एसिडिटी खत्म करता है। पीएच अधिक होने के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट विकारों, जैसे गैस्ट्रिक हाइपर एसिडिटी, डायरिया आदि के इलाज के लिए एक अच्छा विकल्प बनाती है।
🔸7. गर्भावस्था में लाभकारी-
गर्भावस्था के दिनों में भी अल्कालाइन वाटर महत्त्वपूर्ण माना जा सकता है। वजह यह है कि गर्भावस्था में पानी को काफी अहम माना गया है और पानी के उत्तम स्रोतों में से एक है निजी कुएं का पानी। कुएं का पानी प्राकृतिक अल्कालाइन वाटर होता है। यह घुलनशील विटामिन्स के अवशोषण में मदद करता है। साथ ही यह गर्भावस्था में होने वाली कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है। इतना ही नहीं यह प्रसव के दौरान होने वाली खून की हानि को सहने की शरीर को क्षमता भी प्रदान करता है। वहीं भ्रूण को पोषण पहुंचाने के मामले में भी यह सहायक की भूमिका अदा करता है।
एक शोध में अलकालाइन वाटर को गर्भावस्था में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित करने वाला बताया गया है। यह बच्चे के शारीरिक वजन में वृद्धि करने के साथ ही बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में मददगार साबित हो सकता है। इन सभी तथ्यों को देखते हुए अल्कालाइन वाटर को गर्भावस्था के लिए भी उपयोगी माना जा सकता है। यह शोध एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
🔸8. शरीर से विषैले पदार्थों ( free radicals)  को निकालने में सहायक -
शरीर से विषैले और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में भी अल्कालाइन वाटर सहायक होता है।  एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण एल्केलाइन वाटर अल्कोहल जैसे हानिकारक पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि शरीर को डिटॉक्स करने में भी अल्कालाइन वाटर सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित करता है।
🔸9. ड्राई आइज के लिए उपयोगी -
सामान्य ड्राई आइज की समस्या से निजात दिलाने में भी अल्कालाइन वाटर मददगार साबित हो सकता है। अल्कालाइन वाटर से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि एल्केलाइन वाटर में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। वहीं ड्राई आइज से संबंधित शोध में माना गया है कि एंटीऑक्सीडेंट युक्त चीजों का मौखिक सेवन ड्राई आइज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इस आधार पर माना जा सकता है कि अल्कालाइन वाटर पीने से ड्राई आइज में भी कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। 
🔸10. सिस्ट को ठीक करे -
ओवेरियन या अन्य स्थान की सिस्ट की समस्या में भी अल्कालाइन पानी सहायक हो सकता है। आप्राकृतिक रूप से पानी को इलेक्ट्रोलाइज करके ही अल्कालाइन रिड्यूज वाटर बनाया जाता है, जिसे अल्कालाइन इलेक्ट्रोलाइज वाटर भी कहते हैं।  एल्केलाइन रिड्यूज वाटर हार्मोनल, उपापचय और प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम में राहत पहुंचाने का काम कर सकता है। 
🔸11. त्वचा के लिए लाभदायक -
अल्कालाइन वाटर का उपयोग त्वचा को सुरक्षा प्रदान करने में भी मदद कर सकता है। एल्केलाइन वाटर में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) और एंटीएजिंग (बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने वाला) गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने में मदद कर सकते हैं। अल्कालाइन वाटर से नहाने से त्वचा को अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रभाव से बचाव कर सकते हैं । अल्कालाइन वाटर त्वचा के अन्यान्य रोगों  में उपयोगी साबित हो सकता है।
🔸12. बालों को रखे स्वस्थ -
अल्कालाइन वाटर पीने के फायदे में बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखना भी शामिल है। अल्कालाइन पानी को पीने से शरीर में कैल्शियम, स्ट्रोंटियम, मोलिब्डेनम, आयरन और सेलेनियम जैसे तत्वों की पूर्ति होती है। अलका लाइन पानी में मौजूद यह मिनरल्स बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं।
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अल्कलाइन पानी प्रत्येक दृष्टि से शरीर के लिए लाभदायक है, शरीर को रोगमुक्त रखने में महत्वपूर्ण है।
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अन्य जानकारी के लिए बात कर सकते हैं।

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