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Showing posts from August, 2020

कविता * हे राम - जै श्रीराम

हे राम- जै श्रीराम ------------------------ जीवनाच्या अंतिम क्षणी म्हणाले होते गांधी है राम! वर्षामागून वर्षे गेली गांधी ना जग विसरले नव्या काळात शब्द आणि अर्थ बदलले भावना झाल्या वेगळ्या उ...

कविता - स्त्री

   // स्त्री // हर बार वो दो कदम बढा, एक कदम पिछे हट जाती हैं सपनों को बुनकर कारवां बनाती हैं मंजिल सामने देख,  फिर भावनाओं में बह जाती हैं। दिल की लगी को दिल में दबा मुस्कुराहटो क...

कविता - सच बोलने से

न्याय के मंदिर में शपथ ली थी उसने सदा सच बोलने सत्य के पक्ष में खड़े रहने की गीता की - कुरान की नियमों की संविधान की और एक दिन भूचाल आ गया दीवारे हिल गई उसके सच बोलने से ।। -- अशोक ...

कविता - युद्ध अभी जारी है

खबरदार रहो शीतयुद्ध अभी जारी है हार हुई न जीत युद्ध अभी जारी है ।। शांति के प्रयास सब विफल हुए गाओ क्रान्तिगीत युद्ध अभी जारी है।। शब्द-तोपें, व्यंग-मिसाइलें ना ना शस्त्र निरंकुश हो रहे नित युद्ध अभी जारी है।। साम-दाम, दण्ड-भेद ना रहे उपयोगी बदल गई है रणनीत युद्ध अभी जारी है।। कूटनीति से अर्थनीति व धर्मनीति तक शामिल है राजनीत, युद्ध अभी जारी है। सर्दी गर्मी और बरसात भी हुए भ्रष्ट बदल गई है सब रीत युद्ध अभी जारी है। कल तक थे शत्रु जो आज के मित्र हुए बदल गए हैं हित युद्ध अभी जारी है।।      -----अशोक शिरोडे----

कविता-- मित्र

              *मित्र*         ---------------------- तिनका-तिनका हो जाये कारवां, न ऐसा कोई सवाल कीजिए।। मिल बैठकर सुलझाएं मसले अपने चौराहे पर हो चर्चा न ये हाल कीजिए ।। अपने है सभी यहां फिर संको...