कविता - सच बोलने से

न्याय के मंदिर में
शपथ ली थी उसने
सदा सच बोलने
सत्य के पक्ष में
खड़े रहने की
गीता की - कुरान की
नियमों की संविधान की
और एक दिन
भूचाल आ गया
दीवारे हिल गई
उसके सच बोलने से ।।

-- अशोक शिरोडे --

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