कविता - प्यार तो वही है

*प्यार तो वही है*
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दिन वर्ष माह
समय पर समय 
व्यतीत हो रहा
मेरे और तुम्हारे संबंध
पहले से 
अब भी वही हैं
अंशभर भी ऊर्जा 
स्नेह - विश्वास की 
कमी
उसमें नहीं है ,

परिस्थितिवश 
हो गई है दूरी
समय की है
ये अपनी लाचारी

दिल की दूरियां
फिर भी
लेशमात्र न बढी
मन से मन की 
नजदीकियां 
अब भी वही है,

पत्रों का आना 
संदेशों के आदान प्रदान
नहीं होता अब
इसका अर्थ
प्यार की तीव्रता का 
कम होना नहीं है

माना
तुम्हारे और मेरे बीच
संवाद संपर्क नहीं है,

प्रिय फिर भी
अपना प्यार तो वही है
जो 
अंतर्मन में छुपा कहीं है
और
मन की दृढ़ता - समर्पण
उमंग - विश्वास 
पहले सा अब भी वही है ।।
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  - *अशोक शिरोडे* -

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