कविता - नामकरण
नामकरण
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काफी समय बाद भी
जब
उसके संतान नहीं हुई
वह
हैरान था परेशान था
बाबा लोगों के
शरणागत भी हुए
लेकिन फिर भी
मनोरथ पूरे नहीं हुए
फिर उसने
शॉर्टकट अपनाया
बहुत से बच्चे
देखे परखे
उनमें से
जो बच्चे अच्छे लगे
चुन लिए
और उनके
नए नामकरण कर लिए।
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- अशोक शिरोडे -
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