कविता - अकेला बिंदु
अकेला बिंदु
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अबोध शिशु द्वारा
स्लेट पर उकेरा गया
एक बिंदु ,
जीवन के
वृहद केनवास पर
किसी दक्ष कलाकार की
तूलिका से बना
अकेला बिंदु,
अपने होने का
अपने अस्तित्व का
अहसास दिलाता है
और देखने वाले
कयास लगाते है
अर्थ ढूंढते हैं
केनवास पर अंकित
उस बिंदु के
अकेले होने का।।
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-- अशोक शिरोडे --
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