कविता - धरा का अस्तित्व
धरा का अस्तित्व
----------------------
प्रकृति की
विविधता से भरी
यह धरा
जिसमें
कल कल बहती नदियां
अनंत महासागर
गगन छूते शिखर हैं,
नीर निराले पेड़ पौधे
नभ में विचरण करते
रंग बिरंगे पंछी,
जलचर-थलचर
प्राणियों का वास है,
विविध ऋतुएं
दिन रात का चक्र
अपने अक्ष पर
कुछ अंश झुकी वक्र,
यह धरा
जिसमें जीवन है
मनुष्य के लिए
बहुमूल्य है,
और सोचो तो
अनंत अंतरिक्ष में
विशाल ग्रहों
अनगिनत
तारों के समक्ष
धरा का अस्तित्व
सूक्ष्म बिंदु के तुल्य है।।
------------------------------
- अशोक शिरोडे -
Comments
Post a Comment