संविधान की प्रस्तावना :
संविधान की प्रस्तावना : पढ़े समझे व पालन करें ----------------------------------- प्रस्तावना की शुरुआत 'हम भारत के लोग' से शुरू होती है और 'अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित' पर समाप्त होती है। जब बात भारत के संविधान की होती है तब इसमें सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण पक्ष आता है प्रस्तावना का क्योंकि यही एक चीज़ है जो कि पूरे संविधान की तस्वीर को बयां करती है । सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने एक निर्णय में कहा है "जब भी कभी संविधान में किसी भी प्रकार का संशोधन होगा और अगर वो प्रस्तावना के उद्देश्य को पूरा नहीं करता तो ऐसे संशोधन को शून्य घोषित किया जा सकता है," इसीलिये कहा गया है कि संविधान की प्रस्तावना पूरे संविधान का आधार है। स्वतंत्र भारत के संविधान की प्रस्तावना प्रभावी शब्दों की भूमिका से बनी हुई है। इसमें बुनियादी आदर्श, उद्देश्य और भारत के संविधान की अवधारणा शामिल है। ये संवैधानिक प्रावधानों के लिए तर्कसंगतता या निष्पक्षता प्रदान करते हैं। प्रस्तावना में ही वो सब कुछ निहित है जो भारत के सभी व्यक...