ज्योतिष का आधार ही त्रुटिपूर्ण -
ज्योतिष - आधार ही त्रुटिपूर्ण - डॉ. अशोक शिरोडे ---------------------------------- *प्रसिद्ध लेखक गुणाकर मूले की पुस्तक "ज्योतिष विकास प्रकार और ज्योतिर्विद"* आज के समसामयिक अंवधविश्वासी युग में मील का पत्थर है, जब हमें 21 वीं सदी में तार्किकता वैज्ञानिकता की ओर अग्रसर होना चाहिए तो अधिकांश मध्यवर्ग आज फलित ज्योतिष की घनघोर अंधविश्वास में आकंठ डूबा हुआ है! भारत ही नहीं अपितु विश्व के तमाम देशों का उच्च शिक्षित तबका और मध्य वर्ग फलित ज्योतिष और ज्योतिर्विदों के प्रभाव में है। गुणाकर मूले की यह किताब फलित ज्योतिष के पूरे फलसफे और सिद्धांत की पोल खोलती है और फलित ज्योतिष को एक सिरे से खारिज करते हुए इसे पूर्णतया अंधविश्वास पर आधारित छल बताती है। इसी विषय मेरे विचार- मैं ज्योतिष का विशेषज्ञ व्यक्ति नहीं हूं। ज्योतिष के विषय में सामान्य जानकारी रखता हूं। मेरी समझ से ज्योतिष के दो पक्ष है। एक खगोलीय गणित व दूसरा फलित । गणितीय पक्ष - भारतीय खगोल ज्ञान विकसित रहा है। आर्यभट्ट - आर्यभट्ट एक भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे। उन्हें आम तौर पर भारतीय गण...