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राम राम से जय श्रीराम की यात्रा

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"राम राम" से "जय श्रीराम" की यात्रा शब्द के भाव व संदेश बदल गए हैं           - अशोक शिरोडे - ------------------------/----------------------------        भारतीय संस्कृति में "राम" नाम का महत्व निर्विवाद है। भारतीय जनजीवन में राम हर हृदय में बसे हैं। दिन के प्रारंभ से लेकर रात के विश्राम तक राम शब्द का उच्चारण बराबर किया जाता है। राम के विम्ब चित्र के बिना भी प्रतिदिन राम का नाम लिया जाता है।       सभी जगह विशेषकर गांवों में एक दूसरे को "राम राम" बोलकर अभिवादन किया जाता रहा है। बच्चों से लेकर बुजूर्ग द्वारा दिन की शुरुआत ही राम राम कर की जाती है। दूर से आये मेहमान का अभिवादन भी सम्मान के साथ  "राम राम" कर किया जाता रहा है। सोशल मीडिया के आज के दौर के पहले जब पत्र लिखने का चलन रहा है तब भी पत्र की शुरुआत  ही राम राम  से होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में एक व्यक्तिघर के बाहर से जोर से आवाज देकर राम राम करता है और अंदर से भी राम राम कर प्रति उत्तर दिया जाता है। गांव में कोई अपरिचित नए व्यक्ति के ...