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Showing posts from January, 2022

कोरोना में मधुशाला

   कविता:  कोरोना में मधुशाला       कोरोना में मधुशाला       ------------- कोरोना काल मे ... बंद है पाठशाला भीड़ भारी है यहां ... खुली है मधुशाला, पीने पिलाने की ... अब क्या बात करें हाथ धुला रही ... कमबख्त मधुशाला, मंदिर मस्जिद के ... बंद रहे कपाट आबाद होती रही ... नित मधुशाला, न ख़ुशी गम की ... न गम खुशी का दिल को देती दिलासा ... एक मधुशाला, क्या बताये हाल ... मत करो सवाल नए रंग दिखाती ... यह मधुशाला, झगड़े-भेद मिटाती ... अपनो से मिलाती दिल के तार जोड़ती ... एक मधुशाला, देशी हो या विदेशी ... सरूर में कमी नहीं दवा का काम करती ... मस्त मधुशाला  ।। -------------------------------      अशोक शिरोडे

भारत के संविधान की प्रस्तावना , उसकी विशेषता : हर व्यक्ति को पढ़ने व समझने की जरूरत (डॉ.अशोकशिरोडे)

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भारत के संविधान की प्रस्तावना, उसकी   विशेषता : हर व्यक्ति को पढ़ने व समझने की  जरूरत (डॉ. अशोक शिरोडे)                -----------------------------------------------       प्रस्तावना की शुरुआत 'हम भारत के लोग' से शुरू होती है और '26 नवंबर 1949 अंगीकृत' पर समाप्त होती है।      जब भी बात भारत के संविधान की होती है तब इसमें सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण पक्ष आता है प्रस्तावना का क्योंकि यही एक चीज़ है जो कि पूरे संविधान की तस्वीर को बयां करती है । सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है "जब भी कभी संविधान में किसी भी प्रकार का संशोधन होगा और अगर वो  प्रस्तावना के उद्देश्य  को पूरा नहीं करता तो ऐसे संशोधन को शून्य घोषित किया जा सकता है," इसीलिये  कहा गया है कि संविधान की प्रस्तावना पूरे संविधान का आधार है।     स्वतंत्र भारत के संविधान की प्रस्तावना प्रभावी शब्दों की भूमिका से बनी हुई है। इसमें बुनियादी आदर्श, उद्देश्य और दार्शनिक भारत के संविधान की अवधारणा शामिल ...

मकर सक्रांति: सम्पूर्ण प्राणियों के उल्लास का पर्व (अशोक शिरोडे)

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* मकर सक्रांति: सम्पूर्ण प्राणियों के उल्लास का पर्व*  * _वैज्ञानिक महत्व भी है इस दिन का_*         -     *मकर संक्रांति* को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है. जैसे-  पंजाब में  लोहड़ी, हिमाचल प्रदेश में माघी साजी, जम्मू में माघी संग्रांद , हरियाणा में सकरत, मध्य भारत में सुकरत, तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात के साथ उत्तर प्रदेश में उत्तरायण, ओडिशा में मकर संक्रांति, असम में माघ बिहू, अन्य नामों से संक्रांति को मनाते है। मूलतः मकर संक्रांति , खिचड़ी , लोहड़ी उत्तरायणी किसानों की ख़रीफ़ फसल के आने की ख़ुशी का पर्व है । मेला संस्कृति भी किसानों के उमंग और उल्लास को ही व्यक्त करती है।      सामान्यतः सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश अत्यन्त महत्वपूर्ण है। यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छ:-छ: माह के अन्तराल पर होती है। सर्वविदित है कि पृथ्वी की धुरी 23.5 अंश झुकी होने के कारण सूर्य छः माह पृथ्वी  के उत्तरी गोलार्द्ध के निकट होता है और शेष छः माह दक्षिणी गोलार्द्ध के...

डॉ. प्रकाश व डॉ मंदाकिनी आमटे

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आदिवासियों के जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले डॉ. प्रकाश आमटे” व " डॉ. मंदाकिनी आमटे" ----  -------------------------------------------------- प्रकाश बाबाआमटे  व डॉ. मंदाकिनी आमटे की ख्याति एक समाजसेवी के रूप में फैली हुई है। इन्होंने अपनी पूरी जिंदगी आदिवासियों की सेवा में गुजार दी। जिन्होंने मनुष्य व प्राणी दोनों को प्रेम व सेवा देकर इंसानियत की नई परिभाषा दी है।  डॉ. प्रकाश आमटे को सामाजिक सेवा के लिए " पद्मश्री " ,"रेमन मैग्सेसे" व "मदर  टेरेसा" सहित 30 से अधिक पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया है। आदिवासी क्षेत्र हेमलकसा में 500 बिस्तर का निशुल्क अस्पताल संचालित है। जिसमें 2 उच्च स्तर की सुविधाओं से परिपूर्ण ऑपरेशन थिएटर है।  आदिवासी व गरीब बच्चों के लिए पूर्णतः निःशुल्क आवासीय हायर सेकंडरी स्कूल संचालित है। जिसमें 750 बच्चें पढ़ रहे हैं। बाबा आमटे की तीसरी पीढ़ी अर्थात डॉ. प्रकाश व डॉ. मंदाकिनी के  पुत्र डॉ. दिगंत , अनिकेत, बहु डॉ अनघा व सौ. समीक्षा ने यहां की जिम्मेदारी अपने कंधो पर लेकर समर्पित भाव से सेवा कर रहे है। ...