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कविता - नववर्ष

             नववर्ष       जिंदगी .. सरल हो --------------------------------- नए साल में नई पहल हो, कठिन जिंदगी .... सरल हो, सदा चले समय के साथ जो, आगे जा कर..... सफल हो, बिखरे आभा दिनकर की   , उत्साह उमंग के.... हर पल हो, विचार-कार्य-परिश्रम का आपके हाथ में ... प्रतिफल हो, समय से सब सधे, काज हो पूरे नव वर्ष में ऐसी .... हलचल हो, सुलझ न सकी  जो पहेली, उसका भी अब .... हल हो, प्रतिबंध से मानव हो मुक्त  कोरोना का नाश .... समूल हो, आपदा- घृणा रहित हो विश्व  प्रेम-करुणा मन में ....सबल हो, नए साल में नई पहल हो, कठिन जिंदगी .... सरल हो  ।।         ------------------------         -  अशोक शिरोडे -